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रक्षाबंधन तीन अगस्त को, सुबह 9:29 बजे के बाद ही बांधी जा सकेगी राखियां

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झुंझुनूं, 30 जुलाई।
बहन भाई के प्रेम का प्रतीक त्यौहार रक्षा बंधन इस बार तीन अगस्त को श्रावण पूर्णिमा पर विशेष संयोगों के बीच मनाया जाएगा। इस बार रवियोग, आयुष्मान योग, सर्वर्थसिद्धि योग के संयोग बन रहे हैं। इस बार सुबह 9:29 बजे तक भद्रा रहेगी। भद्रा के बाद ही बहनों को अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधना चाहिए। सुबह 9.29 के बाद पूरे दिन राखी बांध सकते हैं। पं.अभिमन्यु पाराशर ने बताया कि रक्षाबंधन पर सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए। स्नान के बाद देवी-देवताओं की पूजा करें। पितरों के लिए धूप-ध्यान करें। इन शुभ कामों के बाद पीले रेशमी वस्त्र में सरसों, केसर, चंदन, चावल, दूर्वा और अपने सामर्थ्य के अनुसार सोना या चांदी रख लें और धागा बांधकर रक्षासूत्र बना लें। इसके बाद घर के मंदिर में एक कलश की स्थापना करें। उस पर रक्षासूत्र को रखें, विधिवत पूजन करें। पूजा में हार-फूल चढ़ाएं। वस्त्र अर्पित करें, भोग लगाएं, दीपक जलाकर आरती करें। पूजन के बाद ये रक्षासूत्र को दाहिने हाथ की कलाई पर बंधवा लेना चाहिए। पं. पाराशर ने बताया कि प्राचीन समय में देवताओं और असुरों के बीच युद्ध हो रहा था। इस युद्ध में देवताओं को पराजित होना पड़ा। असुरों ने स्वर्ग पर अधिकार कर लिया। देवराज इंद्र और सभी देवता इस समस्या को दूर करने के लिए देवगुरु बृहस्पति के पास पहुंचे। इंद्र ने देवगुरु से कहा कि मैं स्वर्ग छोड़कर नहीं जा सकता, असुरों ने हमें पराजित कर दिया, हमें फिर से युद्ध करना होगा। इंद्र की ये बातें इंद्राणी ने भी सुनी, तब उसने कहा कि कल सावन माह की पूर्णिमा है। मैं आपके लिए विधि-विधान से रक्षासूत्र तैयार करूंगी। उसे बांधकर आप युद्ध के लिए प्रस्थान करना, आपकी जीत अवश्य होगी। अगले दिन देवराज इंद्र रक्षासूत्र बांधकर असुरों से युद्ध करने गए और उन्होंने असुरों को पराजित कर दिया। तब से ही ये पर्व मनाया जाने लगा। शास्त्रों के अनुसार मां लक्ष्मी जी ने राजा बली के लिए यह रक्षा सूत्र बांधा और भगवान विष्णुजी राजा बली के द्वारपाल से मुक्त होकर के वापिस बैकुंठ आए।.
समस्याओं से चाहते हैं मुक्ति तो करें ये उपाय
पंडित पाराशर ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन महालक्ष्मी मंदिर में या घर पर ही देवी लक्ष्मी का पूजन कर दूध, चावल, केला व पंच मेवा से बनी खीर देवी को अर्पण करें व बालकों में प्रसाद बांटने से व्यापार में वृद्धि होगी। शत्रु परेशान कर रहे हो तो रक्षाबंधन के दिन हनुमानजी को चोला चढ़ाकर, गुड़ का भोग लगाएं व गुलाब के फूल चढ़ाएं। इस समस्या का समाधान हो जाएगा। कोई भी ऐसा पौधा जो वटवृक्ष के नीचे उगा हुआ हो, राखी के दिन उसे अपने घर के किसी गमले में लाकर लगा लें। ऐसा करने से दरिद्रता दूर होती है और घर में स्थाई लक्ष्मी का निवास होता है।

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