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सूरजगढ़ इलाके में डिस्कॉम की छापेमारी, फिर पकड़ी अवैध ट्रांसफॉर्मरों से बिजली चोरी

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सूरजगढ़, 11 जून।
अजमेर डिस्कॉम द्वारा बिजली चोरों के खिलाफ लगातार अभियान जारी है। गुरूवार को लगातार दूसरे दिन डिस्कॉम की पूरे जिले की विजिलेंस टीमों के साथ सूरजगढ क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों में दबिश दी गई। चिड़ावा एक्सईएन अशोक चौधरी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान लोगों ने बिजली चोरी के लिए काफी संसाधन जुटाए है। जिसकी लगातार शिकायतें भी मिल रही है। वहीं एक मोटे तौर पर बिजली चोरों की कुंडली भी तैयार कर ली गई है। हाल ही में करवाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों के गुप्त सर्वे में सामने आया है कि हरियाणा सीमा से लगते पिलानी और सूरजगढ़ क्षेत्र के गांवों में लॉक डाउन करीब 50 नए ट्यूवबैल अवैध तरीके से खेतों में खुदवाए गए है। जिनमें बिजली कनेक्शन लेने की बजाय हरियाणा और अन्य क्षेत्रों से अवैध ट्रांसफॉर्मर लाकर बिजली चोरी की जा रही है। जिस पर डिस्कॉम के अजमेर एसई विजिलेंस बलबीरसिंह शेखावत के निर्देशन में सात दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया है। इसके दूसरे दिन गुरूवार को सूरजगढ़ क्षेत्र के महपालवास, कुलोठ कलां, कासनी, बलौदा, उरीका व राठियों की ढाणी लोटिया में दबिशें दी गई। जिसमें राठियों की ढाणी लोटिया से टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। वहीं महपालवास से दो एवं शेष सभी गांवों से एक—एक ट्रांसफॉर्मर जब्त किया गया।
अजमेर विजिलेंस एसई ने डाला झुंझुनूं में डेरा
लगातार बिजली चोरी और छीजत संबंधी शिकायतें आने पर अब सात दिन के लिए अजमेर विजिलेंस एसई बलबीरसिंह शेखावत ने झुंझुनूं में ही सात दिन का कैंप शुरू हो गया है। पूर्व में इकट्ठा की गई सूचना के आधार पर सात दिन का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। जिसके बाद लगातार दो दिनों से दबिशें दी जा रही है। हर दिन रात को तीन से चार बजे के बीच सभी अधिकारी और कर्मचारी एक जगह इकट्ठा होते है। इसके बाद पूर्व निर्धारित प्लान के अनुसार टारगेट पर छापेमारी की जा रही है। अभी तक केवल लोटिया का एक मामला छोड़ दें तो टीम को सभी जगहों पर सफलता मिली है।
दूसरे दिन की टीम में यह थे शामिल
दूसरे दिन की टीम में चिड़ावा एक्सईएन अशोक चौधरी के अलावा झुंझुनूं विजिलेंस एईएन ओमप्रकाश बोला, चिड़ावा विजिलेंस एईएन रामप्रताप बरवड़, खेतड़ीनगर विजिलेंस एईएन विवेक ओला, नवलगढ़ विजिलेंस एईएन रविंद्रसिंह, सूरजगढ़ एईएन सुरेंद्र धनखड़ तथा पिलानी एईएन सुरेंद्र सैनी के अलावा करीब 40 से अधिक विद्युतकर्मी शामिल थे।
निगम का ट्रांसफॉर्मर मिला तो उड़े होश
कासनी गांव में जो ट्रांसफॉर्मर मिला। वो अजमेर डिस्कॉम का ही निकला। जिसे देखकर एक बार तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। यह ट्रांसफॉर्मर जमीन में करीब पांच फुट का गड्ढा बनाकर रखा गया था। लेकिन अधिकारियों के सामने सवाल है कि यह ट्रांसफॉर्मर बिजली चोरी के उपयोग में आ रहा था। जो बात गले उतरने वाली नहीं थी। इसलिए इस मामले को लेकर अलग से जांच की जाएगी। कि आखिरकार यह ट्रांसफॉर्मर आया कहां से। शुरूआती तौर पर लोगों में चर्चा है कि पूर्व में भी निगम के ठेकेदारों द्वारा सामान कबाड़ तक में बेचने के मामले आए है। तो कहीं ना कहीं इसमें भी किसी ना किसी ठेकेदार का नाम सामने आ सकता है। ऐसी संभावना है।
300 के करीब ट्रांसफॉर्मर अकेले सूरजगढ—पिलानी में
विभागीय सूत्रों की मानें तो डिस्कॉम के पास ऐसे करीब 300 अवैध ट्रांसफॉर्मर की सूची है। जो बिजली चोरी के लिए काम आ रहे है। चौंकाने वाली बात यह है कि ये सभी के सभी सूरजगढ़ और पिलानी क्षेत्र में है। इनमें से भी पिलानी क्षेत्र में करीब 280 तथा सूरजगढ़ क्षेत्र में करीब 20 ट्रांसफॉर्मर के पुख्ता तथ्य और जानकारी डिस्कॉम अधिकारियों के पास है। जिसे अब निगम अधिकारी किसी भी सूरत में बख्शते हुए नहीं दिख रहे है।
बेरी गढ़ बना बिजली चोरी का
एक्सईएन अशोक चौधरी ने बताया कि विभाग के पास जो जानकारियां आई है। उसके मुताबिक अकेले बेरी में 100 से अधिक ट्रांसफॉर्मर अवैध रूप से लग रहे है। यही कारण है कि बेरी फीडर की छीजत 60 प्रतिशत के करीब है। जिसको 15 प्रतिशत तक लाने का टारगेट लिया गया है। इसके अलावा इसके पास लगते गांवों में बनगोठड़ी, काजी, हमीनपुर, केहरपुरा, बिशनपुरा, रायला, पांथड़िया, छापड़ा, सरदारपुरा, लिखवा, लाड़ूंदा, दूधवा, दूधी, पीपली, दोबड़ा, मोरवा और डूलानिया के अलावा सूरजगढ़ क्षेत्र के महपालवास, उरीका, कुलोठ कलां, कासनी, पिलोद और लोटिया में अवैध ट्रांसफॉर्मर लगे हुए है। यहां पर बिजली चोरी करीब 40 प्रतिशत है।
आठ जनों के खिलाफ बिजली चोरी के मामले
गुरूवार को की गई कार्रवाई में आठ जनों को बिजली चोरी का प्रारंभिक दोषी माना गया है। जिनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इनमें कुलोठ कलां के सुनिल पुत्र रतन सोनी, महपालवास के विनोद पुत्र विरशाल जाट व मनीराम पुत्र जाट, कासनी के राजपाल पुत्र लालचंद राव, बलौदा का ईश्वरसिंह पुत्र केसरीसिंह जाट, उरीका के कैलाश पुत्र जुगल जाट, महपालवास का सुभाष पुत्र रतिराम जाट व उरीका का नवीन पुत्र ताराचंद जाट शामिल है।

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