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47 डिग्री तापमान मे भी आग जलाकर तप रहा है बाबा

शिमला, 9 जून। एक तरफ गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। पारा 47 डिग्री के पार चल रहा है। पूरे प्रदेश मे आग बरस रही है। ऐसे मे घर के बाहर निकलना भी खतरे से खाली नहीं है। ऐसी कड़ी धूप मे एक मिनट भी खड़ा नहीं हुआ जा सकता है। ग्राम शिमला में बाबा मस्तराम की समाधि के पास ऐसी कड़ी धूप में महंत मोहनयती महाराज अपने चारों ओर आग की पांच धूणी जलाकर उनके बीच कड़ी धूप में बैठकर तपस्या कर रहे हैं। आश्चर्य की बात ये है कि बाबा जब तपस्या मे लीन रहते हैं तो उनके शरीर पर पसीना तक भी नहीं आता और दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक एक जगह स्थिर बैठकर तपस्या करते हैं। तप के समय टस से मस नहीं होते। यही नहीं दिनभर धूल भरी तेज आंधियां भी चलती हैं। लेकिन धूणों की भभूति की रति तक भी नहीं उड़ती है। महंत ने बताया कि ये तपस्या 41 दिन तक चलेगी। जो ग्राम मे अमन चैन व खुशहाली के लिए की जा रही है। महंत 41 दिन तक लगातार दोपहर मे तीन घंटे तपस्या करेंगे तथा 41 दिन तक कुछ भी नहीं खाएंगे।बाबा दिन में दो बार कॉफी तथा शाम के समय केवल एक बार दूध का सेवन करते हैं। बाबा ने बताया कि तपस्या की समाप्ति पर दो जुलाई को रात्रि में विशाल जागरण होगा तथा तीन जुलाई को ग्राम की तरफ से विशाल भंडारा किया जाएगा।बाबा जहां तपस्या कर रहे हैं। वहां संैकड़ों वर्ष पूर्व बाबा मस्तराम ने भी गहन तपस्या की थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उस समय भंडारे के लिए घी कम पड़ गया था तो बाबा ने कहा कि वहां स्थित जोहड़ी से चार पीपे भर लाओ। जब मौजूद लोगों ने पीपे भरे तो उनमें हकीकत में ही घी था। वो ये देखकर दंग रह गए। उसी दिन से वो जोहड़ी घिलोड़ी जोहड़ी के नाम से जानी जाने लगी तथा वो धाम घिलोड़ी धाम के नाम से प्रसिद्ध हो गया। इस धाम मे कदम के अनेक पेड़ मौजूद है। कहा जाता है कि इतने पेड़ या तो वृंदावन में हैं या फिर घिलोडी धाम में।

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