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सरकार की मंशा में खोट, पर झुंझुनूं झुकेगा नहीं :  अहलावत

झुंझुनूं, 15 जुलाई। पूर्व सांसद संतोष अहलावत ने कहा है कि सीएम अशोक गहलोत की मंशा में खोट है। चुनावों में वे झुंझुनूं की सभाओं में खेल विश्वविद्यालय शुरू करने की बात कहकर वोट लिए। लेकिन अब चुनाव खत्म होते ही इस विश्वविद्यालय को झुंझुनूं की बजाय जोधपुर ले जाया जा रहा है। लेकिन शायद उन्हें पता नहीं है कि झुंझुनूं जूझना जानता है, झूकना नहीं। इसलिए झुंझुनूं जिले के लोग इस खेल विश्वविद्यालय को दूसरी जगह नहीं जाने देंगे। पूर्व सांसद अहलावत ने कहा कि यदि कांग्रेस सरकार खेल विश्वविद्यालय वास्तव में खोलना ही नहीं चाहती तो वे और कुछ ना करें। केवल पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा खेल संस्थान को मंजूरी दे दें और जो सरकार ने बजट तय किया था। उसे जारी कर दें। ताकि कम से कम एक उच्च कोटि का खेल संस्थान खिलाडिय़ों को उपलब्ध हो। पूर्व सांसद अहलावत ने खेल विश्वविद्यालय के जोधपुर स्थानान्तरित करने की खबरों को लेकर यह बयान दिया है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी खेल विश्वविद्यालय किसी दूसरी जगह ले जाने की बातें सामने आई थी। कुछ कागज भी चल पड़े थे। लेकिन वे खुद व्यक्तिगत रूप से तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मिली थी और राजे के प्रयासों से यह खेल विश्वविद्यालय झुंझुनूं में रखा गया। अहलावत ने यह भी बताया कि यह खेल विश्वविद्यालय झुंझुनूं की शान है। इसके लिए पार्टी से हटकर पूरा झुंझुनूं एक है और इसे किसी भी सूरत में दूसरी जगह जाने नहीं दिया जाएगा। वे भी जल्द ही मंत्रियों व अधिकारियों से मिलेंगी और उन्हें चिट्ठी लिखकर इसे झुंझुनूं में ही खोलने और तुरंत इसके बजट और कार्यक्रम तय करने की मांग करेंगी।

इधर, यूनिवर्सिटी को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन

जिले के दोरासर में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय को जोधपुर ले जाने की चर्चा के बाद जिले के युवाओं में खासा आक्रोश देखा जा रहा है। इसको लेकर सोमवार को कुलोद ग्राम पंचायत की ओर से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर खेल विश्वविद्यालय को यथास्थान रखने की मांग की गई। सरपंच अर्जुनसिंह ने बताया सन 2012 में कांग्रेस सरकार की ओर जिले को दी गई सौगात में पंचायत के दोरासर गांव में खेल विश्वविद्यालय बनाना प्रस्तावित है। लेकिन धरातल पर कार्य नहीं उतरने पर अब राज्य सरकार इस झुंझुनूं से जोधपुर ले जाने की मानस बना रही है। उन्होंने बताया कि अगर सरकार जिले की जनता के साथ ऐसा वादा खिलाफी व्यवहार करती हैं तो जिले की जनता अपने हक के लिए सडक़ पर उतरेगी तथा बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होगी। साथ ही ज्ञापन में विश्वविद्यालय का निर्माण भी जल्द शुरू करने की मांग की गई। इस मौके पर कृष्ण गावडिय़ा समेत अन्य मौजूद थे।

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