Jhunjhunu Update
Raho Update Jhunjhunu Se

बिरला शिशु विहार की कार्यशाला का निदेशक नायर ने किया अवलोकन

पिलानी, 16  मई। बिरला एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा अध्यापक विकास कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला का गुरुवार को चौथा दिन था।बिरला शिशु विहार पिलानी में आयोजित कार्यशाला के मुख्य अतिथि बिरला एजुकेशन ट्रस्ट के निदेशक मेजर जनरल रिटायर्ड एसएस नायर थे।अध्यक्षता  प्राचार्य पवन वशिष्ठ ने की।कार्यशाला में बिरला इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य डॉ.एलके जैन, बिरला पब्लिक स्कूल श्रीगंगानगर की प्रधानाध्यापिका बबिता तथा वीके शर्मा थे।महत्वा गु्रप की फाउंडर और सीईओ दीप्ति साव्हने ने बताया कि किस प्रकार वर्तमान की शिक्षा जगत मे टेक्नोलॉजी को उपयोग में लाया जाए।उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल अब शिक्षा के क्षेत्र में होने लगा है। अब स्मार्ट क्लासेस से बच्चों को पढाया जाता है। लाइव वीडियो, डाइग्राम और फोटो दिखाकर पढ़ाया जाता है। अब कंप्यूटर और इंटरनेट की मदद से विद्यार्थी किसी भी प्रश्न का जवाब कुछ सैकंड में ढूंढ लेते है। महत्वा गु्रप की पे्रसीडेंट मित्सु सोएं ने बताया कि ‘अनब्लॉक ब्लूम्स’ का इस्तेमाल आलोचनात्मक सोच को सिखाने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि यदि आप एक प्रशिक्षण और विकास के माहौल में वयस्कों को पढ़ा रहे हैं, तो यह व्यवहार को बदलने और प्रशिक्षण कार्यक्रम से बेहतर परिणाम प्राप्त करने में मदद करने के लिए एक अविश्वसनीय रूप से शक्तिशाली उपकरण हो सकता है। महत्वा गु्रप की एकेडमी कॉर्डिनेटर सोनाली भट्ट ने शिक्षा में नियोजन पर प्रकाश डाला और बताया कि लक्ष्यों का निर्धारण और लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अपनाई जाने वाली सही रणनीतियों को लंबे समय तक निर्धारित किया जाता है। भट्ट ने यह भी बताया कि नियोजन शिक्षा के क्षेत्र में शैक्षिक योजना के रूप में आवश्यक है।जो समकालीन समाज में एक प्रमुख आवश्यकता है। वर्तमान वैज्ञानिक रूप से विकसित और तकनीकी रूप से उन्नत समाज की जटिलताओं ने शिक्षा में नियोजन की आवश्यकता को विशेष स्थान दिया जाता है।  कार्यशाला संयोजक और प्राचार्य बिरला शिशु विहार पवन वशिष्ठने बताया कि आज शिक्षकों को अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए और साथ ही ऐसा करने के लिए अवसर भी उपलब्ध कराना चाहिए।  उन्होंने बताया कि  इस प्रकार के आयोजन से शिक्षक वर्ग मे प्रोफेशनल डवलपमेंट और शिक्षा जगत की आधुनिक जानकारी प्राप्त हो जाती है।कार्यशाला अंत में पवन वशिष्ठ ने सभी अतिथियों को प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया और धन्यवाद दिया।कार्यशाला में बिरला बालिका विद्यापीठ, बिरला पब्लिक स्कूल, बिरला स्कूल, बिरला शिशु विहार और बिरला इंटरनेशनल स्कूल किशनगढ़ के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित थे।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More