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डर गई मंडावा पुलिस… थाने के गेट किए बंद!

वाहिदपुरा गांव में पुलिस टीम के साथ मारपीट, एक युवक के घर में घुसने की सूचना पर पहुंची थी पुलिस

मंडावा, 9 नवंबर। मंडावा पुलिस प्रदर्शनकारियों से डर गई है।जी, हां यह सच है। मामला गुरुवार का है।लेकिन शुक्रवार को एक वीडियो वायरल हो रहा है।जिससे जाहिर हो रहा है कि प्रदर्शन करने आए लोगों को समझाने के बजाय मंडावा पुलिस ने थाने के दरवाजे बंद कर उनसे पीछा छुड़ाया। मामला दिवाली की रात से जुड़ा हुआ है।बकौल, मंडावा पुलिस दिवाली की रात को उनके पास वाहिदपुरा गांव से फोन आया कि एक मकान में एक युवक घुसा हुआ है।जिस पर मंडावा थाने के हैडकांस्टेबल हजारीलाल जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे।जिस मकान में युवक के होने की सूचना दी गई थी।उसमें कोई नहीं मिला।इसके बाद शिकायत करने वाले ग्रामीणों ने पास के मकान में युवक के होने की बात कही।लेकिन यहां पर भी कोई नहीं मिला।लेकिन जब दूसरे मकान से पुलिस बाहर निकली तो पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया और मारपीट करने के साथ-साथ छीना छपटी भी की।इसके बाद जैसे तैसे पुलिस टीम वापिस थाने पहुंची और गांव के सात नामजद तथा 15-20 अन्य युवकों के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने तथा अभद्रता आदि करने का मामला दर्ज कर लिया।इस मामले में पुलिस ने चार युवकों को हिरासत में भी लिया गया था।जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ गया और उन्होंने आकर थाने पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में आए ग्रामीणों से समझाइश की बजाय थाने के दरवाजे बंद कर पुलिस ने पीछा छुड़ाया।इसके बाद एतिहात के तौर पर मंडावा में अन्य दो थानों बिसाऊ और मलसीसर को भी मौके पर बुलाया गया।वहीं ग्रामीण डीएसपी चांदमल भी थाने में डटे रहे।आपको बता दें कि इन सबके इतर ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस थाने का कांस्टेबल प्रवीण वाहिदपुरा गांव की एक महिला के घर पर घुसा हुआ था।जिसे बचाने के लिए पुलिस ग्रामीणों पर ही झूठे आरोप लगा रही है। जबकि इस तरह के आरोपों को पुलिस ने नकारा है।पुलिस ने मामला दर्ज कर वाहिदपुरा निवासी नरेंद्रसिंह, नगेंद्रसिंह, यशपालसिंह व वीरेंद्रसिंह को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया। वहां कोर्ट ने आरोपियों को तीन दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा है।

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