Jhunjhunu Update
Raho Update Jhunjhunu Se

जिला कलेक्टर के निर्देश में रोजगार कार्यालय द्वारा गठित टीम ने किया औचक निरीक्षण

गुढागौडज़ी एवं उदयपुरवाटी के ई-मित्र सेवा केंद्रों पर मिली 12 फर्जी मुहरे एवं 30 से अधिक रिक्त आय घोषणा पत्र

झुंझुनूं, 6  अगस्त। राज्य सरकार द्वारा रोजगार विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत स्नात्तक उर्तीण बेरोजगार आशार्थियों को तीन हजार रुपए एवं महिला एवं दिव्यांगजन को 3500 रुपए मासिक अधिकतम दो वर्ष के लिए बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जा रहा है। जिसके लिए पारिवार की वार्षिक आय दो लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। बेरोजगारी भत्ते के आवेदनों में आए दिन सामने आ रही अनियमितताओं को देखते हुए जिला कलेक्टर रवि जैन के निर्देशानुसार रोजगार कार्यालय द्वारा गठित टीम ने गुढागौडज़ी एवं उदयपुरवाटी ईमित्रों का निरीक्षण किया।जिसमें अनेक प्रकार की अनियमितताएं सामने आई। जिला रोजगार अधिकारी दयानंद यादव ने बताया कि रोजगार सेवा निदेशालय द्वारा संदिग्ध ईमित्रों पर सतर्कता एवं प्रभारी मॉनिटरिंग के तहत बेरोजगारी भत्ते के प्राप्त आवेदनों में आ रही अनियमितताओं के चलते गुढ़ा व उदयपुरवाटी में स्थित ई-मित्र सेवा केंद्रों को औचक निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में आए हुए आवेदनों का सत्यापन किया गया। जिसकी रिपोर्ट जिला कलेक्टर रवि जैन को आठ अगस्त को सौंपी जाएगी।यादव ने कहा कि इस रिपोर्ट को सबंधित विभागाध्यक्षों को अग्रिम कार्यावाही के लिए भेज दी जाएगी।

इन ई-मित्र सेवा केंद्रों का किया औचक निरीक्षण

रोजगार अधिकारी दयानंद यादव ने बताया कि निरीक्षण के दौरान गुढागौढज़ी के कविता फोटो स्टेट एंड ऑफसेट पर राउमावि गुढागौढजी के व्याख्याता की मोहर, नोटेरी पब्लिक मदनसिंह के 17 आय घोषणा पत्र, नोटेरी पब्लिक श्रीकांत जोशी द्वारा सत्यापित 12 आय घोषणा पत्र बगैर दिनांक एवं नोटेरियल रजिस्टर क्रमांक नहीं मिले। उसके बाद वहीं स्थित कमल बुक डिपो पर हांसलसर गांव के नाम से रजिस्टर्ड ई-मित्र सेवा केंद्र मिला जो कि गुढ़ा में संचालित पाया गया। वहीं दो मोहर व्याख्याता राउमावि बड़वासी एवं प्रधानाध्यापक राउप्रावि भैंरू नगर किशोरपुरा की पाई गई। इसके अलावा 12 बेरोजगारी भत्ता, सात उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति, दो खाद्य सुरक्षा एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के ईडब्लूएस के छह आय घोषणा पत्र खाली मिले जिनपर ओथ कमिश्नर श्रीराम बागवाला की मोहर एवं हस्ताक्षर लगी हुई मिली। इसी स्थान पर एक ओर संचालित ईमित्र पायल रोजगार सेंटर में बेरोजगारी भत्ते के आवेदन के लिए उपयोग में लिए जाने वाले दो खाली आय घोषणा पत्र जिस पर एक पर उत्तरदायी व्यक्ति एवं राउमावि गुढ़ागौडज़ी के व्याख्याता की मोहर सहित दूसरे उत्तरदायी व्यक्ति की जगह गुढ़ागौडज़ी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी की मुहर व हस्ताक्षर मिले। इस दौरान  50 एवं 100 रुपए के पूर्णतया रिक्त कुल 25 स्टांप जो कि ऑथ कमिश्नर श्रीराम बागवाला की मोहर व हस्ताक्षर से सत्यापित किए हुए थे। यादव ने बताया कि गुढागौडज़ी स्थित पावर हाऊस के सामने ई-मित्र सेवा केंद्र के काउंटर की दराज में एक प्राध्यापक, दो ग्राम सेवक एवं पदेन सचिव व दो सरपंच सहित कुल पांच मोहर मिली। इसी दौरान उदयपुरवाटी स्थित जयवीर हनुमान ई-मित्र एवं रोजगार सेंटर के काउंटर की दराज में राउमावि उदयपुरवाटी के व्याख्याता व गजेंद्र कंसट्रक्शन कंपनी उदयपुरवाटी की कुल दो मोहर पाई गई।

जांच में यह जानकारी भी आई सामने

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इन ई-मित्र सेवा केंद्रों से प्राप्त आवेदनों की जांच व निरीक्षण के दौरान व उनसे की गई पूछताछ में यह सामने आया कि ई-मित्र संचालनकर्ताओं द्वारा नोटेरी पब्लिक से एक मुश्त रिक्त आय घोषणा पत्र को सत्यापित करवाया जाता है।जिसमें आवेदक को ई-मित्र संचालकों द्वारा रिक्त आय घोषणा पत्र जिस पर नोटेरी पब्लिक, ऑथ कमिश्नर द्वारा सत्यापित किया हुआ प्रपत्र दे दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इन सभी ईमित्रों द्वारा क्रियाकलाप एक अवैध जाली, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का है, जो कि गैरकानूनी है।

टीम में इनका रहा सहयोग

गठित टीम द्वारा इन ई-मित्र सेवा केंद्रों से 12 मुहरे व रिक्त आय घोषणा पत्र जब्त कर लिए गए है। टीम में जिला रोजगार अधिकारी दयानंद यादव, सूचना सहायक जितेंद्रकुमार, कनिष्ठ सहायक पवनकुमार सैनी एवं कोतवाली के सिपाही योगेंद्र के सहयोग से यह कार्यवाही की गई।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More