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गौशालाओं के संबंध में त्रैमासिक बैठक आयोजित

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झुंझुनूं, 29 जून।
जिला कलेक्टर यूडी खान की अध्यक्षता में बुधवार को सूचना केन्द्र सभागार में गोशालाओं में सुचारू व्यवस्था एवं पंजीकरण करवाने के संबंध वित्तीय वर्ष की त्रैमासिक बैठक आयोजित हुई। कलेक्टर खान ने कहा कि जिले में चल रही सभी गौशालाओं को फलदार पौधे दिए जाएंगे। प्रत्येक गौशाला में 100 फलदार पौधे एवं वृक्ष लगाएं। जिसके लिए सभी गौशाला संचालक अपनी मांग विभाग के अधिकारियों देवें। ताकि सभी गौशालाओं में पेड़ एवं फलदार पौधे लगाकर जिले की सभी गौशालाओं को सैल्फ सफिसेंट बनाया जा सकें। आने वाले दिनों में इन फलदार पौधों पर लगने वाले फलों को बेचकर सभी गौशालाओं में इनकम का सोर्स शुरू हो सकेगा। साथ ही इन पौधों में पानी की डालने की व्यवस्था बरसात के पानी का स्टॉरेज के लिए कुंड बनाकर की जा सकती है। सभी गौशाला संचालक बरसात के पानी को बचाना शुरू करें। साथ ही सभी गौशालाएं इसी वर्ष ये पेड़-पौधे लगाएं। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायत के लोग नई गौशाला बनाने के लिए पंजीकरण करवाएं। साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत पर कमेटी गठित कर गौशाला समिति के सदस्य, यूनियन, संगठन एवं सरपंच गांव में जगह का चिह्निकरण कर भूमि का प्रपोजल भिजवाएं ताकि भूमि आवंटित की जा सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत पर नई गौशाला स्थापित हो इसके लिए गोचर भूमि का गौवंश के लिए सदुपयोग होगा साथ ही अतिक्रमण पर रोक भी लगेगी और किसानों को आवारा पशुओं की समस्या से भी निजात मिलेगी। कलेक्टर खान ने गौशाला संचालकों को कहा कि गौशालाओं में मनरेगा के तहत गड्ढे खुदवाने जैसे अनके कार्य करवा सकते है। श्री कृष्ण गौशाला डाडा फतेहपुरा संचालक ने कलेक्टर खान को अवगत करवाया कि जिस स्थान पर गौशाला स्थित हैं। उसके पीछे पहाड़ है। पहाड़ों से बरसात के समय पानी बहकर चला जाता हैं। गौशाला में कुंड निर्माण या अन्य तरह से इस पानी को स्टॉरेज कर दिया जाएं तो ये पानी गौवंश के पीने तथा पौधारोपण में काम लिया जा सकता हैं। कलेक्टर खान ने पीएचईडी के अधिकारियों को मौका देखें एवं इस पानी को गौशाला से जोड़ने के निर्देश दिए। खान ने संबंधित अधिकारी को कहा कि जिन गौशालाओं को अनुदान मिलना हैं। उनके लिए आगे लिखकर भेजें ताकि गौशालाओं को जल्द से जल्द अनुदान मिले। उदयपुरवाटी के जहाज मावता में स्थित गौशाला संचालक ने बताया कि गौशाला के पास से नाला जा रहा हैं। नाले को बांध के रूप में डवलप करें ताकि पानी को काम में लिया जा सकें। कलेक्टर खान ने सीईओ को निर्देश दिए कि वे संबंधित अधिकारी को मौके पर भेजकर आवश्यकतानुसार कार्य करवाएं। कलेक्टर खान ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर गौशालाओं का मॉडल पूरे जिले में गौशाला संचालकों की मदद से बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी गौशाला संचालकों को गौशाला में गौवंश की संख्या बढ़ाने, कम गौवंश वाली गौशाला एवं नंदी शाला में कम से कम 200 गौवंश रखने के लिए कहा ताकि राज्य सरकार द्वारा छह माह का गौवंश अनुदान दिया जा सके। इस दौरान गौशाला संचालकों ने अपने सुझाव एवं समस्याएं जिला कलेक्टर के सामने रखी। इस दौरान बैठक में सीईओ रामनिवास जाट, एडीएम राजेन्द्र अग्रवाल, गौशाला संचालकों में निरंजनसिंह, ताराचंद भोड़कीवाला, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सुरेन्द्र सैनी, डॉ. अर्चना राव सहित जिले भर के गौशाला संचालक उपस्थित थे।

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