Jhunjhunu Update
Raho Update Jhunjhunu Se

‘कबीर की प्रशंसा की लेकिन उनकी राह पर नहीं चला समाज’

झुंझुनूं, 17 जून। लाम्बा कोचिंग कॉलेज झुंझुनूं में संत कवि कबीर की जयंती मनाई गई। संस्था परिसर में निदेशक शुभकरण लाम्बा, मैनेजिंग डायरेक्टर चंद्रप्रकाश शास्त्री, प्रो. रमेश सैनी, प्रो. रतनलाल पायल, प्रो. मनोज स्वामी, प्रो. सुरेंद्र सोहु, प्रो. प्रमोद पूनियां एवं संस्था के सैंकड़ों सेना भर्ती अभ्यर्थियों ने कबीर के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। निदेशक शुभकरण लाम्बा ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय समाज ने संत कबीर की समय समय पर बहुत प्रशंसा की है। लेकिन वह उनकी राह पर नहीं चला और समय समय पर समाज रामरहीम और आसाराम जैसे झूठे पाखंडी संतों के चक्कर में आकर दिग्भ्रमित हो गया।परिणामस्वरूप समाज वैचारिक रूप से कमजोर हो गया और विदेशियों ने इस देश पर आसानी से अपनी हुकुमत जमा ली। लाम्बा ने ओर आगे कहा कि यदि भारतीय समाज सच्चे दिल से संत कबीर के दर्शन को अंगीकार कर लेता और उनकी दिखाई गईराह पर चल पड़ता तो मुगल और अंग्रेज इस देश में कभी अपनी हुकुमत नहीं जमा पाते और आज भारत भौतिक और आध्यात्मिक रूप से विश्व का सिरमौर होता। प्रो. मनोज स्वामी ने अपने संबोधन में कहा कि संत कबीर ने अपनी कर्तव्य निष्ठा और सादगी से पूरा जीवन यापन किया और लोगों को आचरण में मानवीय और कर्तव्य परायण बनने के लिए प्रेरित किया। इसलिए वे संत कहलाए।प्रो. रमेश सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि कबीर ने जातिवाद पर करारा व्यंग्य करते हुए कहा ‘जो तू बामन बामनि जाया, आन बाट तैं काहे न आया।’ जातिवाद पर व्यग्ंय करती उनकी ये पंक्तियां जितनी सीधी हैं। उतनी ही तीखी और मार्मिक हैं। अगर हमने सचमुच कबीर पर ईमानदारी पूर्ण आस्था दर्शाई होती।उनका सचमुच में अनुसरण किया होता तो आज समाज में ब्राह्मण और गैर ब्राह्मण सब बराबर होते और राष्ट्रआज से 550 वर्ष पहले ही स्वतंत्र हो चुका होता। प्रो. रतनलाल पायल ने अपने संबोधन में कहा कि संत कबीर संत और कवि बाद में थे।वे सबसे पहले समाज सुधारक थे। वे एक आम आदमी की आवाज थे। प्रमोद पूनियां ने अपने संबोधन में कहा कि कबीर के करारे व्यंग्य आज भी हमारे समाज पर वैसे ही लागू होते हैं। जैसे 6 00 वर्ष पहले लागू होते थे। प्रो. चंद्रप्रकाश शास्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि कबीर का धर्म मानव का धर्म है, मानवता का धर्म है।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More