Jhunjhunu Update
Raho Update Jhunjhunu Se

अहंकार मनुष्य को दीमक की तरह खा जाता है : मनीषनाथ

झुंझुनूं, 29 जुलाई। चंचलनाथ टीला स्थित श्री शिव मंदिर के पाव प्रांगण में एवं परम पूज्य संतश्री ओमनाथ महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित शिव महापुराण के चौथे दिवस पूज्य संत मनीषनाथ महाराज ने सर्वप्रथम दक्ष यज्ञ के चरित्र के माध्यम से बताया कि अहंकार किसी भी जीव के लिए कभी भी अच्छा नहीं होता। अहंकार जीव की मति को भ्रष्ट कर देता है। अहंकार दीमक की तरफ  जीव की बुद्धि को खोखला कर देता है। जिस प्रकार सत्ता के अभिमान में भगवान शिव का अपमान किया। उसी के कारण सती ने अपना शरीर त्याग दिया। जीव को अपना स्वभाव विनम्र रखना चाहिए।  कथा संयोजक दीपक मोदी ने बताया कि कार्यक्रम में पूज्य व्यास जी ने आजकल का मनुष्य तो इतना अनभिज्ञ है कि उसे इस का भी विवेक नहीं है कि कदाचित भगवान उसे मिल भी जाए तो उससे क्या मांगे। ये सांसारिक मोह-माया से संक्षिप्त प्राणी परमात्मा से सांसारिक संसाधनों की कामना करता रहता है और उन्हें प्राप्त करके जीव ईश्वर को ही भूल जाता है। इसलिए अगर कभी परमात्मा से कुछ मांगों तो या तो उन्हें ही मांगे या फिर कुंति बुआ की तरह निरंतर परमात्मा की स्मृति बनी रहे, किसी न किसी प्रकार से हमारा संबंध परमात्मा से बना रहे। भगवान व संतों का संग ही हमारे जीवन को आनंदमय बना सकता है। आगे प्रसंगों में तारकासुर वध व पार्वती जन्म के मनोहर प्रसंगों का भी वर्णन किया गया। उमाशंकर महमिया, दीपक मोदी, कमलकांत शर्मा ने बताया कि मंगलवार दोपहर सवा तीन बजे पुरोहितों की बगीची से भगवान शिव की बारात चूणा चौक से रवाना होगी। बारात रथ पर सवार होकर बैंड बाजे सहित आतिशबाजी के साथ निकलेगी। टीले पहुंचने पर विवाह कार्यक्रम संपन्न होगा। तत्पश्चात शिव महिम्न मंडल झुंझुनूं द्वारा कथा स्थल पर शिव महिम्न का पाठ शाम 6 .30 बजे कथा स्थल पर किया जाएगा। प्रमोद खंडेलिया द्वारा सोमवार के प्रसाद का वितरण की व्यवस्था की गई एवं व्यासपीठ से उनका सम्मान किया गया। कथा में महावीरनाथ महाराज, विचारनाथ महाराज, बिहारीजी मंदिर के प्रेमदास एवं श्यामदास महाराज, सुभाष खाजपुरिया, गोकुल व्यास, देवकीनंदन वालिया, महावीर सैनी, नथमल पटेल, महेश बसावतिया व राकेश व्यास सहित काफी संख्या में गणमान्य एवं महिलाएं उपस्थिति रहे।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More