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अंहकार मनुष्य को दीमक की तरह खा जाता है : मनीषनाथ

झुंझुनूं, 30 जुलाई। श्री चंचलनाथ जी टीला स्थित श्री शिव मंदिर के पावन प्रांगण में समायोजित श्री शिवमहापुराण के पंचम दिवस में अतेवा करौली से पधारे पूज्य संत श्रीश्री मनीषनाथ महाराज ने कथा का प्रारंभ श्री हनुमान जी महाराज के सुंदर चरित्र के माध्यम से किया। जिसमें उन्होने बताया कि हम संसारी जीव निरर्थक अनावश्यक ही इस बात बात का अभिमान करते रहते है कि हमने ये किया या वो किया यद्यपि ऐसा कभी नहीं होता कि जीव परमात्मा की इच्छा या उनकी कृपा के बिना वो श्वांस तक नहीं ले सकता है। इसके बाद भी वो इस बात का अभिमान करता है कि मैंने किया हमें इस अहंकार रूपी शत्रु से बचना चाहिए और जिस प्रकार श्री हनुमान जी महाराज निरंतर भगवान श्रीराम के कार्यों में लगे रहते है। किंतु वे किंचित मात्र भी अभिमान नहीं करते, वे कहते है कि मैं अभिमान करता हूं अब देखे कि श्री हनुमान जी कैसा अभिमान है। कथा श्रवण के समय तर्कबुद्धि नहीं रखनी चाहिए। आगे कथा में माता पार्वती की बाल लीलाओं एवं उनकी तपश्चर्य के मधुर प्रंसगों का श्रवण करवाया, कामदेव को भष्म करने व नारद जी के द्वारा माता पार्वती को भगवान शिव के पंचाक्षर स्त्रोत का सुंदर उपदेश के पश्चात उनकी कठिन तपस्या का वर्णन किया। आज की कथा में मुख्य से आकर्षण का केंद्र रहा वो भगवान शिव के विवाह का प्रसंग रहा। जिसमें अत्यंत सुंदर शिव बारात का आयोजन किया गया। जिसमें विचित्र व भिन्न भिन्न के भूत प्रेतों से सजी हुई बारात नगर के चूणा स्थिति पुरोहितों की बगीची से निकली। इस अवसर पर बारात कार्यक्रम के संयोजक उमाशंकर महमिया एवं उनकी धर्मपत्नि दुर्गादेवी ने भगवान शिव की पूजा अर्चना की। सर्वप्रथम भगवान शिव की बारात के लिए भगवान शिव की मंत्रोचार द्वारा पंडित पुनीत पुरोहित द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। इस अवसर महावीरनाथ जयपुर, बिहारीजी मंदिर के महंत प्रेमदास, श्यामदास के सानिध्य में पूजा अर्चना की गई। इसके पश्चात पूर्ण उल्लास, गाजे बाजे, ठोल-नगाड़ों एवं आतिशबाजी एवं नाचते गाते हुए बारात रवाना हुई। जिसमें शहर के गणमान्यजन काफी संख्या में उपस्थिति हुए। शहर में जगह-जगह तोरण द्वारा लगाए गए एवं जगह-जगह पुष्पवर्षा शहरवासियों द्वारा की गई, एवं जगह-जगह शर्बत, शीतल पेय की व्यवस्था भी की गई। बारातियों में मुख्य रूप से शिव महिम्न के सदस्य एवं झुंझुनंू नागरिक मंच के सदस्य थे। इनमें पूर्वआयुक्त राजेंद्र जोशी, शिव महिम्न मंडल के अध्यक्ष शिवचरण पुरोहित, रामगोपाल महमिया, सुरेश शर्मा मनफरा, केशरदेव सहल, बिहारीलाल यादव, हरिप्रसाद शर्मा, जगदीशप्रसाद शर्मा, विपुल छक्कड़, गोपालकृष्ण गुप्ता, सुरेंद्र शर्मा, सुरेश तुलस्यान, विजय सैनी पार्षद, गोपी पुरोहित, कांतिप्रसाद ढ़ंड, मुकेश जालान, लक्ष्मीकांत पुरोहित, विनोद पुरोहित, कालुराम तुलस्यान, शुभकरण चौपदार, पवन पुजारी, पीटर मोदी, रामरतन पंसारी, रविंद्र चौमाल आदि उपस्थित हुए। इसके पश्चात बारात नाथ जी के टीले कथा स्थल पर पहुंची। जहां विवाह की सभी रस्मों को पूर्ण किया गया व साथ ही भगवान शिव की पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर संत समाज से ओमनाथ जी महाराज, दादूद्वारा के महामंडलेश्वर अर्जुनदास महाराज, विचारनाथ महाराज, महावीरनाथ, प्रेमदास जी, श्यामदास जी सहित ब्राह्मण समाज के जिलाध्यक्ष सीताराम शर्मा, कथा संयोजक दीपक मोदी, मुख्य यजमान नारायण कुमावत चूरू, नथमल पटेल, राकेश व्यास, महेश टाईपिस्ट, रामू फोटोग्राफर, ताराचंद सैनी, किशोरीलाल मोदी, मुकेश पुरोहित, विनोद पुरोहित सहित सैंकड़ों की संख्या में महिलाएं एवं पुरूष उपस्थित थे।

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